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सहकारी समिति में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनवाने की विधि, 0% ब्याज पर खाद बीज एवं नगद 2025

सहकारी समिति में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)

इसे ही KCC लोन भी कहते हैं। किसान क्रेडिट कार्ड को दूसरे शब्दों में कहें तो शासन से कुछ समय के लिए ऋण लेने हेतु कार्ड बनवाना। यह ऋण पैसे के साथ-साथ खाद बीज दोनों के लिए होता है। आमतौर पर किसान इसे सहकारी समिति में बनवाते हैं, लेकिन आप इस किसान कार्ड का लाभ कोई भी निजी एवं शासकीय बैंक से जुड़ कर भी ले सकतें हैं।

बैंक से किसान कार्ड बनवाने पर पैसा ज्यादा मिलता है जबकि सहकारी समिति से किसान कार्ड लेने पर पैसा कम मिलता है लेकिन 0 % ब्याज पर मिलता है, इसके साथ साथ उन्नत खाद बीज भी ऋण में मिलता है। इसके विपरीत बैंक में सिर्फ रुपये ऋण मिलता है, लेकिन यह 0% ब्याज में ना होकर कुछ % ब्याज पर मिलता है। जैसे- 6-8%।

इस लेख में किसान कार्ड से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी दिया गया है, जिसे आप सभी किसान भाइयों को जरूर पढ़ना चाहिए।

सहकारी समिति में किसान कार्ड बनवाने हेतु आवश्यक दस्तावेज 

1. किसान का आधार कार्ड

2. कुछ चुनिंदा बैंक से नो डुएस में साइन, इसे अनापत्ति प्रमाण पर भी कहते हैं। मतलब बैंक बताएगा की वह किसान उस बैंक से बंधक नहीं है, वहाँ किसान का कोई चालू KCC नहीं है। किसान एक बार में सिर्फ कोई एक जगह से KCC का लाभ ले सकतें हैं।

3. जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक का बैंक पासबुक

3. 2 पासपोर्ट साइज़ फोटो

4. खेत का बी 1, पी 2

5. 110 रुपये सदस्यता शुल्क (एक बार)

6. अगर ऋण लेंगे उस समय अमानत राशि भी जमा करना होता है। यह राशि जब किसान अपना KCC बंद करतें हैं, तब समिति उसे वापस करतें हैं। 5 एकड़ से कम जमीन वाले लघु कृषकों को कुल ऋण राशि का 5% और इससे अधिक जमीन वाले किसानों से 15 % राशि एकमुस्त जमा लिया जाता है। इस राशि को सहकारी समिति संबंधित बैंक में जमा करती है। कुल ऋण राशि सिंचित और असिंचित फसल के लिए अलग-अलग होता है। सहकारी समिति में लगभग 26000 से 30000 रुपये प्रति एकड़ होता है। जबकि प्राइवेट बैंक में प्रति एकड़ 50000 या इससे अधिक नगद रुपये भी मिल जाता है।

सहकारी समिति में किसान कार्ड बनवाने के लाभ 

  • किसानों को अधिकतम 5 लाख तक का ऋण 0% ब्याज में एक सीजन की खेती के लिए दिया जाता है, जिसमें से 3 लाख को नगद और बाँकी 2 लाख का खाद बीज प्रदान किया जाता है। 60-40 के अनुपात में। अगर किसान इसे समय में नहीं पटाते हैं तो उनसे निर्धारित अतिरिक्त ब्याज लिया जाता है। अधिक समय तक ऋण नहीं पटाने पर उस किसान को डीफाल्टर किसान समझ कर उन्हे आगे किसान कार्ड का लाभ भी नहीं दिया जाता है।
  • किसान द्वारा लिए गए ऋण को धान बेचने के बाद बैंक स्वतः ही काट लेती है। जिससे किसानों को पटाने का टेंशन नहीं होता है।
  • बाजार में नकली खाद बीज से किसान बच जाता है, क्योंकि सहकारी समिति में आने वाले खाद एवं बीज डायरेक्ट शासन से आता है। इसलिए नकली होने का 0 % चांस होता है। इसके अलावा जब शासन के पास खाद कम मात्रा में होता है तब किसान क्रेडिट कार्ड धारी किसानों को प्राथमिकता के साथ सहकारी समिति के मध्यम से खाद प्रदान की जाती है और निजी कृषि केंद्रों में खाद की आपूर्ति कम कर दी जाती है।
  • कृषक सिर्फ धान की खेती के लिए नहीं बल्कि सब्जी भाजी, फल-फूल की खेती के लिए किसान क्रेडिट कार्ड से ऋण ले सकतें हैं।
  • बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ लेने के तुलना में सहकारी समिति से इसका लाभ लेना बहुत आसान और कम दस्तावेज लगता है।
  • सहकारी समिति से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए आप शासकीय कर्मचारियों जैसे कृषि विभाग से सहयोग या मार्गदर्शन ले सकतें हैं। और वे इसे बनवाने में प्राथमिकता के साथ आपके सहयोग करते हैं, जबकि प्राइवेट बैंक से लाभ लेने में उनका योगदान बहुत कम होता है, इसलिए ज्यादा सहयोग नहीं मिल पाता।
  • प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना का लाभ आसानी से मिलता है। बीमा कराने के लिए आपको अलग से फॉर्म नहीं भरना पड़ता। अगर आपका सहकारी समिति या बैंक में KCC है तो अपने आप बीमा का प्रीमियम राशि काट ली जाती है और आपका बीमा हो जाता है।
  • किसान को खाद बीज लेने या नगद पैसा निकालने के लिए सहकारी समिति में लिखवाना पड़ता है। उसके बाद समिति आगे की कार्यवाही करती है।

अल्पकालिक ऋण वितरण या ऋण लेने का समय 

अल्पकलिक ऋण का मतलब 6 माह से कम समय के लिए लिया गया ऋण आता है, अधिकांश किसान वर्तमान में इसी ऋण के अंतर्गत खाद, बीज लेते हैं और धान बेचकर पटा देते हैं।

  • खरीफ सीजन के लिए 1 अप्रैल से 30 सितंबर
  • रबी सीजन के लिए 1 अक्टूबर से 15 मार्च
  • गन्ना फसल के लिए 1 नवंबर से 15 मार्च
  • केला फसल के लिए 1 जुलाई से 30 नवंबर
  • पपीता के लिए 15 जून से 31 जुलाई, 1 अक्टूबर से 30 नवम्बर एवं 1 फरवरी से 31 मार्च तक, मतलब 3 बार लाभ ले सकतें हैं।

अल्पकालिक ऋण पटाने का अंतिम समय 

  • खरीफ सीजन के लिए 15 मार्च
  • रबी सीजन के लिए 15 जून
  • ग्रीष्म कालीन धान के लिए 15 जून
  • पपीता के लिए KCC लोंन पटाने का समय 10 माह, गन्ने के लिए 15 माह और केले के लिए भी 15 माह का समय दिया जाता है।

किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए फॉर्म भरने का समय 

  • खरीफ सीजन में 1 अप्रैल से
  • रबी सीजन में 1 अक्टूबर से
  • गन्ना फसल के लिए 1 नवंबर से
  • केला फसल के लिए 1 जुलाई से
  • पपीता के लिए 15 जून, 1 अक्टूबर  एवं 1 फरवरी से, मतलब 3 समय में जुड़ सकतें हैं।

नोट: किसान कार्ड बनवाने हेतु सहकारी समिति या कृषि विभाग द्वारा गाँव में मुनादी भी कराया जाता है। 

अधिक जानकारी के लिए जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक बिलासपुर का यह ऑफिसियल वेबसाईट से पढ़ सकतें हैं- Click Here 

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